प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी के आरोप, ग्राम सभा नहीं हो सकी आयोजित
कोरबा। जनपद पंचायत करतला अंतर्गत ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में 2 अक्टूबर को आयोजित विशेष ग्राम सभा विवादों के कारण आयोजित नहीं हो सकी। ग्राम सभा शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन के बाहर एकत्र हो गए और सरपंच के खिलाफ नाराजगी जताते हुए ग्राम सभा का बहिष्कार कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में लंबे समय से भ्रष्टाचार, अनियमितता और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही हैं। इन्हीं आरोपों को लेकर हाल ही में जिला स्तरीय जांच दल भी गांव पहुंचा था। ऐसे माहौल में आयोजित विशेष ग्राम सभा शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में पात्र हितग्राहियों के नामों के आगे कथित रूप से “अ” जोड़कर उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया। उनका कहना है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।

ग्रामीण सुनीता बंजारे ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा के लिए लोगों को बुलाया गया, लेकिन घंटों तक बैठक शुरू नहीं हुई।

वहीं वार्ड क्रमांक 6 की पंच शांति बाई ने कहा कि उनके वार्ड की समस्याओं को लेकर कई बार सरपंच को अवगत कराया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके वार्ड में स्वीकृत आवासों को अपात्र घोषित कर दिया गया।

ग्रामीण गिरजा टंडन ने बताया कि उनके पति दिव्यांग हैं और परिवार एक कमरे में जीवन यापन कर रहा है, इसके बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला।

वहीं वार्ड क्रमांक 1 की पंच हरिहर बाई खूंटे ने आरोप लगाया कि परिवार में कोई शासकीय कर्मचारी नहीं होने के बावजूद गलत जानकारी दर्ज कर उन्हें अपात्र घोषित किया गया।

ग्रामीणों का यह भी आरोप रहा कि पंचायत में निर्णयों की पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती तथा कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है। एक मितानिन ने आरोप लगाया कि पिछले लगभग सात वर्षों में केवल एक बार मितानिन दिवस पर सम्मान किया गया, उसके बाद आज तक मितानिनों का सम्मान नहीं किया गया।
स्थिति को देखते हुए उरगा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन पंचायत भवन के बाहर लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। मौके पर बरपाली नायब तहसीलदार एवं जनपद पंचायत करतला के करारोपण अधिकारी उदय सिंह कंवर भी पहुंचे और दोनों पक्षों से चर्चा की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी।
ग्रामीणों का एक अन्य आरोप था कि पंचायत भवन का परिसर छोटा होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था नहीं थी। ग्रामीण ग्राम सभा को किसी खुले एवं बड़े स्थान पर आयोजित करने की मांग कर रहे थे।

मामले में जब खबर PLUS 1 ने सरपंच अश्वनी तंवर से पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है, इसलिए वे फिलहाल कोई बयान नहीं देंगे।

करारोपण अधिकारी उदय सिंह कंवर ने बताया कि 30 जुलाई 2026 को ग्राम सभा स्थल परिवर्तन को लेकर प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन उस पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने ग्राम सभा के बहिष्कार की बात कही थी और पंचनामा तैयार करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन उस पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। परिणामस्वरूप 2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा आयोजित नहीं हो पाई।
अब यह स्थिति ग्राम सभा के बहिष्कार की मानी जाएगी या स्थगन की, इस पर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया जाना बाकी है।
बड़े सवाल
क्या प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
क्या पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल पाएगा?
ग्राम सभा नहीं होने की स्थिति में गांव के विकास और योजनाओं से जुड़े निर्णय कैसे लिए जाएंगे?
फिलहाल सरगबुंदिया पंचायत में उपजे इस विवाद ने पंचायत प्रशासन और ग्राम स्तरीय व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजरें टिकी हुई हैं।


