कोरबा जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरमाल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सेवा संकल्प अभियान से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम के दौरान जूनियर क्लब कोरबा में आयोजित एक समारोह में जिले के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी सहित कई अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम में देवरमाल निवासी दिव्यांग दुर्गा प्रसाद चौहान को इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल पर बैठाकर फोटो खिंचवाई गई और उनका इंटरव्यू भी लिया गया।
कार्यक्रम की तस्वीरों में ऐसा प्रतीत होता है मानो दिव्यांग हितग्राही को शासन की योजना के तहत इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल का लाभ प्रदान किया गया हो। लेकिन अब आरोप सामने आया है कि कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जिस इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल पर बैठाकर फोटो और वीडियो बनाए गए, उसे वापस ले लिया गया।
यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। क्या योजनाओं का प्रचार-प्रसार वास्तविक हितलाभ से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है? क्या दिव्यांग हितग्राही को केवल कार्यक्रम और प्रचार सामग्री का हिस्सा बनाकर छोड़ दिया गया? और क्या प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा?
देवरमाल निवासी दुर्गा प्रसाद चौहान अब न्याय और अपने अधिकार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं इस मामले के सामने आने के बाद लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या खबर के प्रकाशन के बाद दिव्यांग दुर्गा प्रसाद चौहान को वास्तव में इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल का लाभ मिलेगा, या फिर यह मामला भी केवल तस्वीरों और दावों तक ही सीमित रह जाएगा?



