कोरबा। ग्राम पंचायत सरगबुंदिया में विकास कार्यों को लेकर उठे सवाल अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गए हैं। ग्रामीणों और उप सरपंच की शिकायत के बाद जनपद पंचायत ने पंचायत के कई पुराने कार्यों का रिकॉर्ड तलब कर लिया है। आरोप है कि लाखों रुपये की राशि स्वीकृत और आहरित होने के बावजूद कई कार्य अधूरे पड़े हैं या उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जनपद पंचायत कोरबा द्वारा जारी पत्र में पंचायत सचिव को निर्देशित किया गया है कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच स्वीकृत सात प्रमुख विकास कार्यों से जुड़े सभी दस्तावेज तीन दिनों के भीतर जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।

जांच के घेरे में सबमर्सिबल पंप स्थापना, सामुदायिक शौचालय, पानी टंकी और बोर निर्माण, सीसी सड़क तथा गेट निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कई योजनाओं में राशि का आहरण तो हुआ, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य अधूरे हैं या अपेक्षित रूप से दिखाई नहीं देते।
अब जांच अधिकारी ने इन कार्यों की तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति, कैशबुक, बिल-वाउचर, जियोटैग फोटो और पंचायत कार्यवाही पंजी सहित सभी जरूरी रिकॉर्ड मांगे हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि विकास कार्यों की हकीकत क्या है और शिकायतों में कितना दम है।
सरगबुंदिया की इस जांच पर अब ग्रामीणों की नजर टिकी हुई है। लोगों को उम्मीद है कि जांच से विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी।



